काशीपुर। एक व्यक्ति ने डिजाइन सेंटर स्थित एक निजी अस्पताल पर उसके नवजात बच्चे के इलाज में लापरवाही करने व इलाज के नाम पर उन्हें गुमराह कर उसके बच्चे को जानबूझकर मौत के मुंह में धकेलने के प्रयास का आरोप लगाते हुए एसपी काशीपुर को एक शिकायती पत्र सौंपकर चिकित्सक व अस्पताल स्टाफ के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की मांग की है।
जनपद मुरादाबाद के थाना थाना डिलारी ग्राम सदरपुर निवासी विशाल दीप चैहान पुत्र सुभाष चन्द्र ने एसपी काशीपुर को सौंपी शिकायती पत्र में कहा कि उसने अपनी पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर डिजाइन सेंटर स्थित एक निजी अस्पताल में 8 अगस्त 2026 को भर्ती कराया था। चिकित्सकों ने उसकी पत्नी की सिजेरियन डिलीवरी की बात कहते हुए उसकी पत्नी का ऑपरेशन किया जिसके बाद उसकी पत्नी ने एक पुत्री को जन्म दिया। जब उन्होंने अपनी पुत्री को देखने के लिए कहा कि तो चिकित्सक ने बताया कि उनकी पुत्री कमजोर है तथा उसे एनआईसीयू मे रखा गया है। जिसके बाद उसकी पत्नी को 11 अगस्त को डिसचार्ज कर दिया गया लेकिन उसकी नवजात पुत्री को अस्पताल में भर्ती रखा गया। जिसके बाद अस्पताल के चिकित्सक व स्टाफ ने उनकी पुत्री से मिलने तक नहीं दिया गया। जिसके बाद 19 अगस्त को चिकित्सक द्वारा पुत्री को स्वस्थ बताते हुए उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। इस दौरान चिकित्सक ने कहा कि एक माह बाद बच्ची को दिखाने ले आना। जिसके बाद जब उन्होंने अस्पताल में ही पुत्री का डाइपर बदलवाया तो उसकी पुत्री की पोटी उसकी पेशाव की जगह से बाहर आ रही थी। जब उन्होंने चिकित्सक को बच्ची को दिखाया तो उन्होंने इसे नाॅर्मल बताया। जिसके बाद जब मैंने डिस्चार्ज फाइल व बिल मांगे तो उन्होंने बाद में बिल लेने को कहा। जिसके बाद उन्होंने अपनी पुत्र को जसपुर बस स्टेंड स्थित एक निजी अस्पताल में दिखाया तो चिकित्सक ने बताया कि बच्ची की पोटी की जगह बंद है इसे मुरादाबाद के अस्पताल ले जाओ। जिसके बाद उन्होंनेे डिजाइन सेंटर स्थित अस्पताल के चिकित्सक से इसकी शिकायत की तो उन्होंने अस्पताल प्रबंधन व एनआईसीयू स्टाफ की गलती कहते हुए टाल दिया। कहा कि उन्हें जो इलाज के बिल दिये गये वह भी अस्पताल को भुगतान की गई राशि से भिन्न थे। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मामले में कानूनी कार्यवाही की मांग की है।
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