काशीपुर। दहेज मांगने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में चल रहे मामले में न्यायालय ने आरोपी गिरीश चन्द्र को बरी कर दिया। मामला वर्ष 2021 में कोतवाली काशीपुर में दर्ज कराया गया था।
शेखर चन्द्र आर्य ने पुलिस को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि उनकी बेटी पुष्पा की शादी सकटेनगर निवासी गिरीश चन्द्र के साथ हुई थी। आरोप था कि शादी के बाद गिरीश चन्द्र, नन्द लक्ष्मी और हंसी देवी द्वारा दहेज में उच्च क्वालिटी का सामान नहीं दिए जाने को लेकर विवाद किया जाता था। आरोपों में महिला के साथ मारपीट करने, फोन छीनने तथा अप्रैल 2021 में मारपीट कर घर से निकालने की बात भी कही गई थी। मामला न्यायालय पहुंचने के बाद अभियोजन की ओर से चार गवाह पेश किए गए। आरोपी की ओर से अधिवक्ता अमरीश अग्रवाल, मुनीदेव विश्नोई और भारत भूषण ने बहस की। बहस के दौरान बचाव पक्ष ने घटना के समय, दिनांक तथा स्वतंत्र गवाह और मेडिकल साक्ष्य से संबंधित बिंदुओं पर न्यायालय का ध्यान आकर्षित किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, काशीपुर ने आरोपी गिरीश चन्द्र को दहेज मांगने, मारपीट करने एवं जान से मारने की धमकी देने के मामले में दोषमुक्त कर दिया।