काशीपुर। 2027 के विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही काशीपुर भाजपा में टिकट को लेकर सियासी तापमान बढ़ता नजर आ रहा है। लंबे समय से दावेदारी को लेकर चर्चा में रहे राम मेहरोत्रा के बाद अब मेयर दीपक बाली का नाम भी राजनीतिक गलियारों में तेजी से चर्चा पकड़ रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है—भाजपा 2027 में मौजूदा विधायक त्रिलोक सिंह चीमा पर फिर भरोसा जताएगी या काशीपुर में चेहरे का बदलाव करेगी?
एक तरफ राम मेहरोत्रा की सक्रियता और संगठन में उनकी मौजूदगी को टिकट की दावेदारी से जोड़कर देखा जा रहा है, तो दूसरी तरफ मेयर दीपक बाली की राजनीतिक सक्रियता ने समीकरणों को और दिलचस्प बना दिया है। बाली की एंट्री के बाद अब चर्चा केवल चीमा बनाम मेहरोत्रा तक सीमित नहीं रह गई, बल्कि मुकाबले में तीसरा प्रमुख नाम भी जुड़ गया है।
सियासी गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि यदि भाजपा नेतृत्व काशीपुर में नए चेहरे पर विचार करता है तो राम मेहरोत्रा और दीपक बाली में किसके नाम पर मुहर लगेगी? वहीं यदि पार्टी मौजूदा विधायक के साथ आगे बढ़ती है तो दोनों दावेदारों की राजनीतिक सक्रियता किस दिशा में जाएगी, यह भी देखने वाली बात होगी।
2022 में भाजपा ने त्रिलोक सिंह चीमा को मैदान में उतारा था और अब 2027 से पहले टिकट को लेकर उठ रही चर्चाओं ने पार्टी के भीतर संभावित समीकरणों को फिर सुर्खियों में ला दिया है।
फिलहाल भाजपा ने काशीपुर सीट पर 2027 के प्रत्याशी को लेकर कोई आधिकारिक फैसला घोषित नहीं किया है। इसलिए किसका टिकट कटेगा, किसका नाम आगे बढ़ेगा या किस चेहरे पर पार्टी दांव लगाएगी—इस पर अंतिम फैसला भाजपा नेतृत्व के हाथ में ही होगा।
लेकिन इतना तय है कि काशीपुर भाजपा की टिकट की दौड़ अब सिर्फ दावेदारी नहीं, बल्कि प्रतिष्ठा का सवाल बनती जा रही है।
चीमा की सीट पर नजरें कई चेहरों की हैं और अब फैसला संगठन के बंद कमरे से निकलकर काशीपुर की सियासी चौपाल तक पहुंचने का इंतजार कर रहा है।