काशीपुर। ट्रामाडोल सहित मनाव प्रभावी औषधियों की बिक्री, भंडारण और वितरण में अनियमितताओं पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बुधवार को काशीपुर नगर क्षेत्र में व्यापक जांच अभियान चलाया। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के निर्देश और उप औषधि नियंत्रक के निर्देशन में उपजिलाधिकारी अभय प्रताप सिंह के नेतृत्व में औषधि विभाग ऊधमसिंह नगर एवं नैनीताल तथा पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने विभिन्न थोक मेडिकल प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर दस्तावेजों और दवा के क्रय-विक्रय का सत्यापन किया।

जांच के दौरान जय लक्ष्मी सर्जिकल और बंसल फार्मास्यूटिकल में ट्रामाडोल की खरीद के सापेक्ष बिक्री एवं भुगतान से संबंधित अभिलेख संतोषजनक नहीं पाए गए। मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों प्रतिष्ठानों के औषधि संबंधी क्रय-विक्रय पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगाने के साथ प्रतिष्ठान बंद कराने की कार्रवाई की गई।
वहीं मोहल्ला अल्लीखां स्थित यूनिक सर्जिकल में जांच के दौरान फर्म स्वामी मौके पर मौजूद नहीं मिले। टीम द्वारा बुलाए जाने के बावजूद उनके उपस्थित न होने पर प्रशासन ने फर्म को सील कर दिया।
इसी क्रम में नाइस मेडिकोज को ट्रामाडोल के क्रय-विक्रय से संबंधित समस्त दस्तावेज और अभिलेख सात दिवस के भीतर सत्यापन के लिए प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने सभी मेडिकल प्रतिष्ठानों को औषधियों की खरीद, बिक्री और भंडारण से जुड़े अभिलेख नियमानुसार व्यवस्थित एवं अद्यतन रखने के निर्देश दिए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मनाव प्रभावी औषधियों की बिक्री, भंडारण अथवा वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में ट्रामाडोल समेत अन्य मनःप्रभावी औषधियों के अवैध अथवा अनियमित क्रय-विक्रय और भंडारण की जांच का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
निरीक्षण दल में वरिष्ठ औषधि निरीक्षक ऊधमसिंह नगर नीरज कुमार, वरिष्ठ औषधि निरीक्षक नैनीताल मीनाक्षी बिष्ट, औषधि निरीक्षक ऊधमसिंह नगर निधि शर्मा एवं शुभम कोटनाला, औषधि निरीक्षक नैनीताल अर्चना समेत संबंधित विभागों के अधिकारी और पुलिस कर्मी शामिल रहे।
प्रशासन की इस कार्रवाई से मेडिकल कारोबारियों में हड़कंप मचा है और ट्रामाडोल समेत नियंत्रित औषधियों के अवैध एवं अनियमित कारोबार पर निगरानी और सख्त होने के संकेत मिले हैं।