
काशीपुर/नई दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने ₹1109 करोड़ के कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और तमिलनाडु में एक साथ छह स्थानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई 18 जुलाई 2026 को विशेष न्यायालय से प्राप्त तलाशी वारंट के आधार पर की गई, जबकि इसकी आधिकारिक जानकारी 19 जुलाई 2026 को सार्वजनिक की गई। सीबीआई की इस कार्रवाई से जुड़े राज्यों में कारोबारी गतिविधियों के साथ-साथ बैंकिंग क्षेत्र में भी हलचल मच गई है।
सीबीआई के अनुसार, यह मामला भुवनेश्वर (ओडिशा) स्थित एम/एस गुप्ता पावर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के खिलाफ दर्ज किया गया है। कंपनी पर केनरा बैंक के साथ लगभग ₹1109 करोड़ की धोखाधड़ी करने का आरोप है। जांच एजेंसी का कहना है कि कंपनी ने बैंक से अधिक ऋण सुविधाएं प्राप्त करने के उद्देश्य से अपने वित्तीय दस्तावेजों में कथित रूप से हेरफेर किया। आरोप है कि कंपनी ने अपने स्टॉक का मूल्य वास्तविक से अधिक दर्शाया तथा व्यापारिक देयों (ट्रेड रिसीवेबल्स) को भी कृत्रिम रूप से बढ़ाकर प्रस्तुत किया, जिससे बैंक को कंपनी की वित्तीय स्थिति वास्तविकता से अधिक मजबूत दिखाई गई।
सीबीआई का यह भी आरोप है कि कंपनी ने प्राप्त ऋण राशि का निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप उपयोग नहीं किया। जांच में खातों की एवरग्रीनिंग (Evergreening) किए जाने की बात भी सामने आई है। एवरग्रीनिंग ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें पुराने ऋण को नया ऋण देकर नियमित दिखाया जाता है, जिससे वास्तविक वित्तीय स्थिति छिप जाती है। एजेंसी के अनुसार, इन कथित अनियमितताओं के कारण केनरा बैंक को करीब ₹1109 करोड़ का वित्तीय नुकसान हुआ। सीबीआई ने विशेष न्यायाधीश, सीबीआई, भुवनेश्वर द्वारा जारी तलाशी वारंट के आधार पर कंपनी के निदेशकों के आवासों, कोलकाता स्थित पंजीकृत कार्यालय तथा कंपनी की तीन विनिर्माण इकाइयों पर एक साथ छापेमारी की। इनमें उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जनपद स्थित काशीपुर की इकाई, तमिलनाडु के तिरुवल्लूर और ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित परिसरों को भी शामिल किया गया। छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।